
, स्टेट ब्यूरो : रामकृष्ण मेटा की रिपोर्ट,
झारखण्ड : शिक्षा मंत्री का पद संभाल रहे जगरनाथ महतो, इसके बाद उसी पद की जिम्मेदारी संभाल रहे रामदास सोरेन का निधन हुआ, और अब उच्च शिक्षा मंत्री का पद संभाल रहे सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया,

झारखंड कैबिनेट के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का देर रात हार्ट अटैक से निधन हो गया. उनके निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है.
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद हैरान और परेशान करने वाला संयोग एक बार फिर चर्चा में आ गया है. संयोग यह है कि झारखंड में शिक्षा विभाग से जुड़े लगातार तीसरे मंत्री का निधन हो गया है. शिक्षा मंत्री का पद संभाल रहे जगरनाथ महतो, इसके बाद उसी पद की जिम्मेदारी संभाल रहे रामदास सोरेन का निधन हुआ. और अब उच्च शिक्षा मंत्री का पद संभाल रहे सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया. इतना ही नहीं जगरनाथ महतो के निधन के बाद शिक्षा विभाग का प्रभार संभाल रहे सीएम हेमंत सोरेन पर भी मुसीबत आई थी. जमीन घोटाला मामले में सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी हुई और उन्हें मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देकर जेल जाना पड़ा था.
अप्रैल 2023 में जगरनाथ महतो का निधन
‘टाइगर’ के नाम से मशहूर जगरनाथ महतो डुमरी से विधायक और हेमंत सोरेन सरकार में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री थे. कोरोना संक्रमण के बाद उनके फेफड़ों में गंभीर संक्रमण हुआ. उनका लंग ट्रांसप्लांट भी हुआ, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी. 6 अप्रैल 2023 को चेन्नई में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया.
अगस्त 2025 में रामदास सोरेन का निधन
रामदास सोरेन घाटशिला से विधायक थे और हेमंत सोरेन की सरकार में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. अगस्त 2025 में जमशेदपुर स्थित आवास पर गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट लगी. इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाया गया. इलाज के दौरान 15 अगस्त 2025 को उनका निधन हो गया.
आज सुदिव्य कुमार सोनू का निधन
इसके बाद वर्तमान में हेमंत सोरेन की सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे सुदिव्य कुमार सोनू का देर रात निधन हो गया. उनके निधन से राज्यभर में शोक की लहर है.
आज दोपहर 3 बजे गिरिडीह में उनका अंतिम संस्कार होगा. मंत्री को अंतिम विदाई देने के लिए सीएम हेमंत सोरेन समेत कई मंत्री-विधायक गिरिडीह पहुंच रहे हैं.
जाहिर सी बात है कि तीनों ही परिस्थितियां अलग है और मौत की वजहें भी अलग हैं, इसलिए इन घटनाओं को किसी रहस्य, अंधविश्वास या अनहोनी से जोड़ना सही नहीं होगा.









