
,ब्यूरो रिपोर्ट,
देवघर : राम मंदिर चंदा संग्रह में कथित अनियमितता और खान एवं खनिज संशोधन विधेयक को लेकर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। प्रेस वार्ता के दौरान फुरकान अंसारी ने दोनों मुद्दों पर सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने प्रेस वार्ता कर राम मंदिर के लिए किए गए चंदा संग्रह को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े किसी भी चंदे में पूरी पारदर्शिता बेहद जरूरी है। लोगों ने श्रद्धा और विश्वास के साथ अपना योगदान दिया है, इसलिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि चंदे के रूप में कितनी राशि जुटाई गई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।

फुरकान अंसारी ने कहा कि चंदे की राशि से जुड़े तमाम पहलुओं की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की शंका या सवाल की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं और लोगों की आस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है।

वहीं खान एवं खनिज संशोधन विधेयक को लेकर भी फुरकान अंसारी ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बदलावों से देश की प्राकृतिक और खनिज संपदाओं के दोहन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में कानून बनाते समय केवल खनिज संसाधनों के इस्तेमाल पर ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के हितों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
फुरकान अंसारी ने कहा कि खनिज संपदा वाले राज्यों के हितों को भी कानून में पर्याप्त महत्व मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसी भी संशोधन को लागू करने से पहले उसके सामाजिक, पर्यावरणीय और आर्थिक प्रभावों पर व्यापक विचार किया जाए।
राम मंदिर चंदा संग्रह और खान एवं खनिज संशोधन विधेयक, दोनों मुद्दों पर फुरकान अंसारी ने सरकार से पुनर्विचार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष आगे भी जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाता रहेगा।









