
कोडरमा ब्यूरो : रतन कुमार की रिपोर्ट,
रांची। झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में मीडियाकर्मियों की एंट्री पर रोक लगाने के फैसले को लेकर झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (JJA) ने कड़ी नाराजगी जताई है। एसोसिएशन ने इस निर्णय को लोकतांत्रिक व्यवस्था और पत्रकारिता की स्वतंत्रता के लिए गंभीर विषय बताया है।
JJA के प्रदेश अध्यक्ष अभय कुमार लाभ एवं प्रदेश महासचिव संजीव समीर ने कहा कि पत्रकारों को समाचार संकलन से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
वहीं, JJA के संस्थापक शाहनवाज हसन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी हैं और उन्हें स्वतंत्र रूप से अपना दायित्व निभाने का अवसर मिलना चाहिए।
कैबिनेट बैठक की कवरेज का बहिष्कार
मंत्रालय में मीडिया प्रवेश पर रोक के विरोध में रांची के पत्रकारों ने कैबिनेट बैठक की कवरेज का बहिष्कार किया। विरोध के दौरान पत्रकारों के कैमरे झुके रहे और माइक-आईडी जमीन पर रखी रही।
JJA ने कहा कि विरोध की यह तस्वीर सरकार और मीडिया के बीच बढ़ती संवादहीनता एवं असंवेदनशीलता को दर्शाती है।
स्वतंत्र एवं निर्बाध कवरेज की मांग
एसोसिएशन ने झारखंड सरकार से पत्रकारों के साथ तत्काल संवाद स्थापित करने तथा मीडिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्बाध कवरेज का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की है।
JJA ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सरकार और मीडिया के बीच संवाद अत्यंत आवश्यक है तथा पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान उचित सहयोग एवं स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।









